टेस्ला का भारत में धमाकेदार डेब्यू: Model Y के साथ Electric Car मार्केट में आया नया तूफान!

लंबे इंतज़ार, अटकलों और ढेरों बातचीत के बाद, आखिरकार वो पल आ ही गया! टेस्ला (Tesla) ने भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च कर दी है। यह सिर्फ एक नई गाड़ी का लॉन्च नहीं है, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) मार्केट में एक बड़ा गेम-चेंजर है। अब 'प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार' का सपना देखने वालों के लिए एक नया विकल्प आ गया है।

अगर आप टेस्ला मॉडल वाई (Tesla Model Y) के बारे में सब कुछ जानना चाहते हैं – उसकी कीमत, रेंज, फीचर्स और भारत में उसका क्या असर होगा – तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए है।

टेस्ला मॉडल Y: भारत की सड़कों पर पहला कदम

15 जुलाई, 2025 को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में टेस्ला का पहला शोरूम खुलते ही, भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का एक नया अध्याय शुरू हो गया। इसी दिन से टेस्ला मॉडल वाई की बुकिंग भी शुरू हो गई है।

यह एसयूवी भारत में दो वेरिएंट्स में लॉन्च की गई है:

  1. Model Y रियर-व्हील ड्राइव (RWD) स्टैंडर्ड:

    • कीमत: ₹59.89 लाख (एक्स-शोरूम)

    • रेंज (WLTP): 500 किलोमीटर तक

    • स्पीड (0-100 किमी/घंटा): 5.9 सेकंड

  2. Model Y रियर-व्हील ड्राइव (RWD) लॉन्ग रेंज:

    • कीमत: ₹67.89 लाख (एक्स-शोरूम)

    • रेंज (WLTP): 622 किलोमीटर तक

    • स्पीड (0-100 किमी/घंटा): 5.6 सेकंड

डिलीवरी टाइमलाइन: स्टैंडर्ड RWD वेरिएंट की डिलीवरी इसी साल की तीसरी तिमाही (Q3 2025) में शुरू हो जाएगी, जबकि लॉन्ग रेंज मॉडल आपको अक्टूबर 2025 से मिलना शुरू होगा।

इतनी महंगी क्यों है? भारत में Tesla Model Y की कीमत

कई लोग सोच रहे होंगे कि विदेशों के मुकाबले भारत में टेस्ला मॉडल Y इतनी महंगी क्यों है। इसकी मुख्य वजह इम्पोर्ट ड्यूटी है। टेस्ला फिलहाल अपनी कारों को चीन के शंघाई स्थित कारखाने से भारत में पूरी तरह से बनी हुई यूनिट्स (CBU - Completely Built Unit) के तौर पर आयात कर रही है।2 इन आयातित लग्जरी कारों पर भारत में भारी कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है।

 फिलहाल, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया है कि टेस्ला की भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।

धांसू फीचर्स: Tesla Model Y में क्या है खास?

टेस्ला मॉडल वाई सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का एक बेहतरीन उदाहरण है:

  • अंदर से शानदार: इसमें 15.3 इंच का विशाल इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन है जो कार के लगभग सभी फंक्शन को कंट्रोल करता है। साथ ही, एडजस्टेबल और हवादार (ventilated) फ्रंट सीटें, पीछे की सीटों के लिए 8 इंच की स्क्रीन, 9-स्पीकर साउंड सिस्टम और एक शानदार पैनोरमिक ग्लास रूफ भी है।3

  • सेफ्टी का कमाल: सुरक्षा के लिए इसमें आठ एक्सटर्नल कैमरे दिए गए हैं जो एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस फंक्शन (ADAS) को सपोर्ट करते हैं। हालांकि, भारत में अभी ऑटोपायलट के कुछ लिमिटेड फीचर्स ही मिलेंगे, जैसे ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम, लेन डिपार्चर वार्निंग और अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल।

  • चार्जिंग का भविष्य: टेस्ला भारत में अपने अत्याधुनिक V4 सुपरचार्जर नेटवर्क को भी स्थापित करने की योजना बना रही है।4 ये सुपरचार्जर सिर्फ 15 मिनट में 267 किलोमीटर तक की रेंज दे सकते हैं! शुरुआत में मुंबई और दिल्ली में कई सुपरचार्जर स्टेशन बनाए जाएंगे।

  • सिंपल और स्पेसियस डिज़ाइन: मॉडल Y एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV है जिसमें अंदर की तरफ काफी जगह है। इसका डिज़ाइन न्यूनतम लेकिन बेहद आधुनिक है, जिसमें आपको पर्याप्त बूट स्पेस भी मिलेगा।

भारतीय EV बाज़ार में Tesla का प्रभाव

टेस्ला मॉडल वाई के आने से भारतीय EV बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है। यह सीधे तौर पर Kia EV6, Hyundai Ioniq 5, और Volvo XC40 Recharge व C40 Recharge जैसी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों को टक्कर देगी।

टेस्ला की एंट्री से भारतीय ग्राहकों के पास अब ग्लोबल EV लीडर की कार खरीदने का विकल्प होगा, जो निश्चित रूप से इलेक्ट्रिक कारों के प्रति जागरूकता और उत्साह को और बढ़ाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में टेस्ला भारत में अपनी रणनीति को कैसे आगे बढ़ाती है।

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